2 साल से फरार “कोयला किंग” चढ़ा पुलिस के हत्थे, थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान की सूझबूझ से बड़ी कामयाबी! बिलासपुर। कोयले की अफरा-तफरी के मामले में दो वर्षों से फरार चल रहे आरोपी रमाकांत मौर्य उर्फ रोमी मौर्य को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी का श्रेय रतनपुर थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान को जाता है, जिनकी सूझबूझ और नेतृत्व में यह कार्रवाई सफल हुई। थाना प्रभारी की रणनीति से टूटा रसूख का घमंड रोमी मौर्य, जो एक भाजपा पार्षद का पुत्र है, अपने राजनीतिक संबंधों के बल पर गिरफ्तारी से बचता रहा। लेकिन थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए, बिना किसी दबाव के, सटीक सूचना के आधार पर दयालबंद, बिलासपुर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति, चाहे उसका रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो, बच नहीं सकता। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान के साथ प्रधान आरक्षक सत्यप्रकाश यादव और आरक्षक विजेंद्र रात्रे का भी विशेष योगदान रहा। उनकी टीमवर्क और प्रतिबद्धता के कारण ही यह सफलता संभव हो सकी।

दो साल से फरार “कोयला किंग” चढ़ा पुलिस के हत्थे, थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान की सूझबूझ से बड़ी कामयाबी!
बिलासपुर – कोयले की अफरा-तफरी के मामले में दो वर्षों से फरार चल रहे आरोपी रमाकांत मौर्य उर्फ रोमी मौर्य को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी का श्रेय रतनपुर थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान को जाता है, जिनकी सूझबूझ और नेतृत्व में यह कार्रवाई सफल हुई।
थाना प्रभारी की रणनीति से टूटा रसूख का घमंड
रोमी मौर्य, जो एक भाजपा पार्षद का पुत्र है, अपने राजनीतिक संबंधों के बल पर गिरफ्तारी से बचता रहा। लेकिन थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए, बिना किसी दबाव के, सटीक सूचना के आधार पर दयालबंद, बिलासपुर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति, चाहे उसका रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो, बच नहीं सकता।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान के साथ प्रधान आरक्षक सत्यप्रकाश यादव और आरक्षक विजेंद्र रात्रे का भी विशेष योगदान रहा। उनकी टीमवर्क और प्रतिबद्धता के कारण ही यह सफलता संभव हो सकी।



