परीक्षा से घबराए नही-हिमान्शु महाराज
लोरमी-मनियारी साहित्य एवम सेवा समिति लोरमी के सचिव शिक्षाविद साहित्यकार व समाजसेवक डाक्टर सत्यनारायण तिवारी हिमान्शु महाराज ने समस्त विद्यार्थियो, शिक्षको एवम समस्त अभिभावको से किसी भी प्रकार की परीक्षा से नही घबराने का आग्रह किया।उन्होने परीक्षा को जीवन की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बतलाया।डॉक्टर तिवारी ने परीक्षा से डरकर भागने,गलत कदम उठाने के बजाय इसे चुनौती के रूप मे स्वीकार करते हुए आगे बढते रहना चाहिए। सफलता उत्साह व लक्ष्य प्रदान करती है जबकि असफलता अनुभव देती है।सफलता और असफलता दोनो ही हमे जीवन जीने की राह दिखाते है।ये दोनो निरंतर विद्यार्थी बनाए रखने और कुछ न कुछ सीखने का अवसर प्रदान करते है।सफल होकर समाज व राष्ट्र सेवा की ओर अग्रसर हो।असफल होने पर आत्मचिंतन करते हुए अपनी कमियो को दूर कर आगे बढे।दुनिया मे ऐसा योद्धा पैदा नही हुआ जिसने पराजय का स्वाद न चखा हो।जय पराजय हमारे जीवन के महत्वपूर्ण इकाई है।ये दोनो हमे जीवन मे आगे बढते रहने तथा सहनशील होने की प्रेरणा देते है।



