चांपा में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता का अद्वितीय संगम: भारतीय मजदूर संघ का महिला सम्मेलन संपन्न

चांपा – सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित महिला सम्मेलन में सामाजिक समरसता, संगठनात्मक शक्ति और महिला नेतृत्व की प्रभावशाली अभिव्यक्ति देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और भगवान विश्वकर्मा के छायाचित्रों की पूजा-अर्चना से किया गया, जिसने सम्मेलन को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आधार प्रदान किया।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्य अतिथि सांसद कमलेश जांगड़े और विशिष्ट अतिथि संगठन मंत्री सुनील किदवई, बीएमएस अध्यक्ष शोभा सिंह देव, महिला आयाम प्रमुख लता दीक्षित, प्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष शंखध्वनि बनाफर से तथा महामंत्री दिनेश पांडेय शामिल हुए।
साथ ही कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय मंत्री श्री आर.एस. जायसवाल, विभाग प्रमुख वेंकट राव और प्रदेश के 33 जिलों से आए हुए आंगनबाड़ी, मध्यान्ह भोजन, रसोईया, रेलवे, भवन निर्माण, बिजली कर्मचारी महासंघ की महिला प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
🔸 महिला प्रतिनिधियों और सामाजिक विविधता का सम्मान
सम्मेलन के दौरान विभिन्न जातियों से जुड़े श्रमिकों एवं सक्रिय महिला प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया, जो संगठन की समरसता व समर्पण की नीति को प्रतिबिंबित करता है।
🔹 भारतीय मजदूर संघ की रीति-नीति
1955 में दत्तोपंत ठेंगड़ी द्वारा स्थापित भारतीय मजदूर संघ राजनीति से परे रहकर राष्ट्र सर्वोपरि, श्रमिक हित सर्वोच्च जैसे सिद्धांतों के साथ कार्य करता है। यह संवाद, सौहार्द्र और स्वदेशी के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करता है।
🔸 महिला भागीदारी की मजबूती
कार्यक्रम में प्रदेशभर से सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर यह दर्शाया कि संगठन में अब महिलाएं केवल सहभागी नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता भी बन रही हैं।
इस आयोजन में बीएमएस प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गीता सोनी, जिला अध्यक्ष प्रमोद कुर्रे, मंत्री संजय चौहान, कोषाध्यक्ष रमेश साहू, रामकृपाल राठौर, तथा राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अनुभव तिवारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
🔹 आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम की सफलता पर भारतीय मजदूर संघ जांजगीर-चांपा इकाई की ओर से सभी अतिथियों, प्रतिभागियों व कार्यकर्ताओं के प्रति आभार



