रतनपुर- गुप्त नवरात्र आज से प्रारंभ, मां महामाया मंदिर और भैरव बाबा मंदिर में घटस्थापना के साथ शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान
23 जुलाई तक होंगे दुर्गा सप्तशती पाठ, महाआरती, हवन और कन्या भोज, सिद्ध तंत्र पीठ श्री भैरव बाबा मंदिर में भी विशेष साधना-अनुष्ठान
धार्मिक नगरी रतनपुर के सिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की गुप्त नवरात्र श्रद्धा, आस्था और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हो गई है। पहले दिन विधि-विधान से घटस्थापना और ज्योति कलश स्थापना के साथ दुर्गा सप्तशती पाठ सहित विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। वहीं सिद्ध तंत्र पीठ श्री भैरव बाबा मंदिर में भी गुप्त नवरात्र के अवसर पर विशेष तांत्रिक साधना और पूजा-अर्चना की जा रही है।
बुधवार सुबह 8 बजे मां महामाया मंदिर के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत घटस्थापना की गई। इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक आयोजनों की शुरुआत हुई। मंदिर में प्रतिदिन सुबह 6 बजे प्रभात आरती और शाम 7 बजे महाआरती होगी। 23 जुलाई तक दुर्गा सप्तशती पाठ, विशेष पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
महामाया मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतीश शर्मा ने बताया कि चैत्र और शारदीय नवरात्र की तरह आषाढ़ और माघ मास की गुप्त नवरात्र का भी विशेष धार्मिक महत्व है। यह पर्व शक्ति साधना और तंत्र उपासना के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में मां दुर्गा की आराधना करने से विशेष कृपा, मनोकामनाओं की पूर्ति और आध्यात्मिक सिद्धियों की प्राप्ति होती है।
गुप्त नवरात्र की महाअष्टमी पर विशेष पूजन, हवन और पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा। समापन अवसर पर मां महामाया ट्रस्ट द्वारा कन्या भोज एवं सामूहिक प्रसाद वितरण भी होगा। इधर सिद्ध तंत्र पीठ श्री भैरव बाबा मंदिर में भी गुप्त नवरात्र के दौरान विशेष तांत्रिक अनुष्ठान, जप और पूजा-अर्चना जारी है। गुप्त नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही रतनपुर के दोनों प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है और पूरा धार्मिक परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया है।



