
मुंगेली/लोरमी। मुंगेली जिले में नट (डंगचगहा) समुदाय को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर शिक्षा और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने की एक प्रेरणादायी पहल सामने आई है। लोरमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव के संरक्षण, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक तथा राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित प्रधान पाठक डॉ. सत्यनारायण तिवारी के मार्गदर्शन में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला हरदीबांध के शिक्षक अमित कुमार डड़सेना पिछले दो वर्षों से इस दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं।
शिक्षक अमित डड़सेना ने ग्राम हरदीबांध में निवासरत नट समाज के सभी परिवारों से संपर्क कर उन्हें भिक्षावृत्ति छोड़ सम्मानजनक रोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ लेने और आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरूक किया।
बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पालकों को शिक्षा का महत्व समझाया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि समाज के लगभग सभी बच्चों का स्कूल में नामांकन हुआ और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हुई। विद्यालय में शत-प्रतिशत नामांकन और ठहराव इस अभियान की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
नट समाज के प्रमुख एवं ग्राम पंचायत हरदीबांध के पूर्व सरपंच सुरेश कुमार नट ने बताया कि इस पहल से समाज में नई जागरूकता आई है। जो परिवार पहले भिक्षावृत्ति को परंपरा मानते थे, वे अब कृषि, मजदूरी, दुकानदारी और कबाड़ व्यवसाय जैसे कार्यों से सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। साथ ही उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।
विद्यालय में बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति सहित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। हरदीबांध में मिले सकारात्मक परिणामों से उत्साहित शिक्षक अमित कुमार डड़सेना ने अब पूरे मुंगेली जिले के नट समुदाय को शिक्षा और जनजागरण के माध्यम से भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने का संकल्प लिया है।



