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एम्स रायपुर की लापरवाही-हार्निया सर्जरी के लिए डेढ़ साल की वेटिंग

एम्स रायपुर की लापरवाही-हार्निया सर्जरी के लिए डेढ़ साल की वेटिंग

नियंत्रण विहीन रायपुर एम्स, जनप्रतिनिधि भी बेबस

बेड खाली होने पर भी मरीजों को लौटा रहे-गरीब मरीज दर दर भटक रहे

छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को देगी ज्ञापन

रायपुर/छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ कुलदीप सोलंकी ने एम्स रायपुर में हार्निया की सर्जरी के लिए डेढ़ साल की वेटिंग को अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण एवं असंवेदनशील बताया है।उल्लेखनीय है कि एक मरीज हर्निया से पीड़ित है एवं उसे ऑपरेशन के लिए कहा गया है. जब मरीज माह सितंबर 2024 में एम्स रायपुर गए तो उन्हें आपरेशन की डेट लगभग डेढ़ वर्ष बाद दिसंबर 2025 की दी गई है.सूत्रों के अनुसार रायपुर एम्स में इतने अधिक ऑपरेशन थियेटर एवं सर्जन होने के बाद भी डेढ़ वर्ष की वेटिंग हो ही नही सकती.एम्स रायपुर में प्रतिदिन अनेक ऑपरेशन हो सकने वाले सेटअप के बाद भी डेढ़ वर्ष की वेटिंग जांच का विषय है.प्रथम दृष्टया तो यह शासकीय कार्य एवं जवाबदेही के प्रति निष्क्रियता,लापरवाही एवं असंवेदनशीलता प्रतीत होती है.
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ कुलदीप सोलंकी ने कहा कि रायपुर एम्स से छत्तीसगढ़ की जनता को बहुत आशाएं थी.स्वास्थ्य के क्षेत्र में एम्स रायपुर के रुप मे छत्तीसगढ़ को एक बहुत बड़ी सुविधा मिलेगी यह लोगो को विश्वास था.किंतु एम्स रायपुर के स्थानीय प्रबंधन की लापरवाही एवं कार्य के प्रति उदासीनता के कारण छत्तीसगढ़ के मरीज दर दर ठोकर खा रहे हैं.
रायपुर एम्स का प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का बजट है.सैकड़ो स्पेशलिस्ट हैं किंतु उसके बाद भी वहां डेढ़ साल की वेटिंग दी जा रही है. रायपुर एम्स की ऐसी कार्यप्रणाली अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है।

छत्तीसगढ़ की जनता को एम्स रायपुर से अत्यधिक अपेक्षाएं हैं किंतु उन्हें समय पर ना तो बेड मिलता है और सर्जरी एवं सीटी स्कैन/एन्डोस्कोपी जैसी जांचों के लिए के लिए गैर जरूरी वेटिंग का रोजाना सामना करना पड़ता है।
छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने एम्स रायपुर प्रशासन से आग्रह किया है कि वह गैर जरूरी वेटिंग को तुरंत सुचारू करे अन्यथा इस विषय को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं प्रधानमंत्री जी से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे।

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