
कोरबा – नगर सेना के जवान द्वारा आत्महत्या के प्रयास से जुड़े गंभीर मामले के बाद प्रशासन ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। विभाग में मचे घमासान और बढ़ते असंतोष को देखते हुए कोरबा जिला सेनानी अनुज एक्का को हटाकर जांजगीर जिला सेनानी योग्यता साहू को कोरबा नगर सेना प्रभारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस फैसले को नगर सेना में सुधार, अनुशासन और भरोसे की बहाली की दिशा में अहम माना जा रहा है।
यह पूरा मामला नगर सेना के जवान संतोष पटेल से जुड़ा है, जिन्होंने बर्खास्तगी और कथित मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर कलेक्टर परिसर में जहर पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा से रायपुर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सिविल लाइन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, संतोष पटेल ने आत्महत्या के प्रयास से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें डिविजनल कमांडेंट और तत्कालीन कोरबा जिला सेनानी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जवान का कहना है कि अधिकारियों द्वारा लगातार दबाव और प्रताड़ना के चलते वह यह कदम उठाने को मजबूर हुआ।
घटना के बाद नगर सेना के जवानों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। नगर सेना कार्यालय परिसर में जवान हाथों में तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गए और पीड़ित जवान की बहाली, दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। जवानों ने साफ कहा है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
ऐसे संवेदनशील हालात में योग्यता साहू को कमान सौंपे जाने से जवानों में नई उम्मीद जगी है। उन्हें एक अनुशासित, निष्पक्ष और जमीनी स्तर पर काम करने वाली अधिकारी के रूप में जाना जाता है। जवानों को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में न सिर्फ मामले की निष्पक्ष जांच होगी, बल्कि विभाग में व्याप्त भय और दबाव की संस्कृति पर भी लगाम लगेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी महिला नगर सैनिकों ने प्रताड़ना को लेकर आंदोलन किया था, जिससे विभाग पहले से ही सवालों के घेरे में था।
प्रशासनिक हलकों में योग्यता साहू की नियुक्ति को “संकट मोचक कदम” के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि उनके नेतृत्व में कोरबा नगर सेना में कितना और कितनी जल्दी बदलाव देखने को मिलता है।



