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शासकीय हाई स्कूल रतनपुर के पुराने भवन को लेकर खतरे की आशंका, प्रशासन मौन

रतनपुर: – शासकीय हाई स्कूल रतनपुर, जिसका संचालन मोरध्वज शिक्षा प्रसारक संस्था द्वारा प्रारंभिक रूप से वर्ष 1954 में शुरू किया गया था, आज जर्जर अवस्था में पहुँच चुका है। इस संस्था के प्रथम अध्यक्ष पं. कपिल नाथ द्विवेदी थे। वर्ष 1962 में इस विद्यालय का हस्तांतरण तत्कालीन मध्यप्रदेश शासन को किया गया, जिसके बाद से अब तक यह विद्यालय संचालित हो रहा है।

लेकिन बीते लगभग 15 वर्षों से विद्यालय परिसर स्थित एक पुराना भवन पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुका है। छत के हिस्से गिरते जा रहे हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। चिंताजनक बात यह है कि भवन के पास ही स्कूली छात्र खेलते रहते हैं तथा उनका रोज आना-जाना बना रहता है। इस स्थिति में हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

इसके बावजूद प्रशासन द्वारा इस ओर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों और स्कूल प्रशासन की मांग है कि इस पुराने जर्जर भवन को जल्द से जल्द डिस्मेंटल (ध्वस्त) किया जाए। इससे न केवल संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है, बल्कि उसी स्थान पर नया भवन बनाकर विद्यालय के उपयोग में लाया जा सकता है या फिर खेल मैदान का विस्तार किया जा सकता है।

पूर्व मंडल अध्यक्ष शिव मोहन बघेल –

जनहित में यह अत्यंत आवश्यक है कि संबंधित विभाग इस विषय में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

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