
लोरमी- गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरदीबांध में गुरु-शिष्य परंपरा का पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पत्तों और फूलों से स्वयं तैयार किए गए आकर्षक गुलदस्ते अपने गुरुजनों को भेंट कर सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानपाठक डॉ. सत्यनारायण तिवारी ने विद्यार्थियों से माता-पिता एवं गुरुजनों के मार्गदर्शन में सकारात्मक सोच के साथ अपने जीवन लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “आज भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है। प्रत्येक नागरिक और विद्यार्थी अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर देश को परम वैभव तक पहुंचाने में योगदान दें। वास्तविक भारत का निर्माण गुरु और शिष्य के कंधों पर ही निर्भर है।”
शिक्षक विद्यानंद कश्यप ने गुरु को संस्कारों का आधार बताते हुए विद्यार्थियों को गुरुजनों का सम्मान करने की प्रेरणा दी। वहीं अमित कुमार डडसेना ने विद्यार्थियों से गुरु के मार्गदर्शन में अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में श्रीमती दीपा मिश्रा, श्रीमती पुनीता कश्यप एवं श्री देवीसिंह राजपूत ने भी अपने विचार व्यक्त किए और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में गुरुजनों के प्रति सम्मान, संस्कार और भारतीय परंपराओं के प्रति आस्था का संदेश दिया।



