स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने में क्या है फर्क —डा अलका यादव

देश का राष्ट्रीय ध्वज हमारी आन बान और शान का प्रतीक है। हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त और गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को ध्वज फहराया जाता है लेकिन दोनों अवसरों पर ध्वज फहराने में कुछ अंतर होता है। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वज को नीचे से रस्सी द्वारा खींच कर ऊपर ले जाया जाता है फिर रस्सी की सहायता से ही खोलकर फहराया जाता है, जिसे ध्वजारोहण कहा जाता है क्योंकि 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक घटना को सम्मान देने हेतु किया जाता है। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री ने ऐसा किया था। संविधान में अंग्रेजी में इसे फ्लैग
होस्टिंग (ध्वजारोहण) कहा गया है 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर प झंडा पोल में ऊपर ही बंधा रहता है जिसे खोलकर फहराया जाता है संविधान में इर फ्लैग अनफलिंग (झंडा फहराना) कह गया है। 15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री जो कि केंद्र सरकार के प्रमुख होते हैं ध्वजारोहण करते हैं और राष्ट्रपति जो कि राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख होते हैं 26 जनवरी जो कि देश में संविधान लागू होने के उपलक्ष में मनाया जाता है इर दिन राष्ट्रपति ध्वज फहराते हैं। स्वतंत्रत दिवस के दिन लाल किले से ध्वजारोहण किया जाता है जबकि गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर झंडा फहराया जाता है।



