
बिलासपुर /बेलगहना। परियोजना शाखा बिलासपुर अंतर्गत बेलगहना सेक्टर की सुपरवाइजर के खिलाफ भ्रष्टाचार एवं दुर्व्यवहार से जुड़ी गंभीर शिकायत सामने आई है। छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी, बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित सेक्टर सुपरवाइजर द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से विभिन्न कार्यों के नाम पर पैसों की मांग की जाती है। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर कार्यकर्ताओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है तथा उनके परिजनों के साथ गाली-गलौच एवं अभद्र व्यवहार किया जाता है। संघ के अनुसार इस प्रकार की शिकायतें लंबे समय से मिलती रही हैं, जिनके प्रमाण भी शिकायत पत्र के साथ संलग्न किए गए हैं।
संघ पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि बेलगहना सेक्टर में एक कार्यकर्ता को अनधिकृत रूप से सहायक पर्यवेक्षक के रूप में कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि उक्त कार्यकर्ता को सुपरवाइजर द्वारा अपनी आधिकारिक आईडी उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से विभागीय कार्य एवं लेन-देन कराए जा रहे हैं। इस प्रकार निजी सहायक रखना शासकीय सेवा नियमों के विपरीत बताया गया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित सुपरवाइजर पूर्व में चपोरा सेक्टर में पदस्थ रहते हुए भी भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर चुकी हैं। उस दौरान महतारी वंदन योजना में कथित रूप से दो मृत व्यक्तियों के नाम जोड़ने का मामला सामने आया था, जिसके चलते उन्हें वहां से हटाया भी गया था। इसके बावजूद उनके कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने तथा भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार बढ़ने का आरोप लगाया गया है।
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ जिला स्तर के अधिकारियों के संरक्षण एवं मिलीभगत के कारण अब तक शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। संघ ने आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई में हो रही देरी से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी बेलगहना सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिसमें जांच का आश्वासन दिया गया था। हालांकि अब तक जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो संघ द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



