हलषष्ठी व्रत पर माताओं ने की संतान की लंबी उम्र की कामना, स्वर्णकार महिला विंग ने कृत्रिम सगरी बनाकर की पूजा-अर्चना

बिलासपुर — स्वर्णकार महिला विंग की बहनों और माताओं ने पारंपरिक आस्था और भक्ति के साथ हलषष्ठी व्रत का आयोजन किया। यह कार्यक्रम श्रीमती चंद्रिका श्याम मनोहर के तेलीपारा स्थित निवास पर संपन्न हुआ, जिसमें भगवता आचार्य अमरकृष्ण जी ने अपने मधुर वचनों से व्रत कथा का वाचन किया। माताओं ने श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण कर अपनी संतानों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की मंगलकामना की।

व्रत के तहत पारंपरिक रूप से कृत्रिम सगरी (बालू व मिट्टी से निर्मित तालाब), काशी, कमल के फूल, ग्वाल-बाल और अन्य पूजन सामग्री सजाई गई। महिलाएं व्रत की परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना में शामिल हुईं। माहौल में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में रंजीता, गायत्री, दीपावली, प्रीति, राधा, रमा, संतोषी, सुभद्रा, विजयलक्ष्मी, गोदावरी, सोनी सहित कई बहनों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी ने एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं दीं और प्रसाद वितरण कर आयोजन का समापन किया।
इस धार्मिक आयोजन की जानकारी स्वर्णकार महिला विंग की सदस्य निशा यज्ञेश सोनी ने दी।



