
रतनपुर- ऐतिहासिक नगरी रतनपुर का महामाया मंदिर परिसर 9 सितम्बर (गुरुवार) को एक बार फिर सामाजिक एकता और सद्भाव का साक्षी बनेगा। इस दिन प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक प्रदेश स्तरीय सामाजिक समरसता एवं सद्भावना सम्मेलन का आयोजन होगा।
तीन महत्वपूर्ण विषयों पर होगा मंथन
सम्मेलन में वर्तमान समाज और युवा पीढ़ी से जुड़े तीन अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा –
1. भारतीय राजनीति में युवाओं का योगदान – युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना, लोकतंत्र की मजबूती और नई सोच का संवाहक बनाना।
2. नशा मुक्त भारत – समाज और परिवार पर नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए नशा मुक्ति अभियान को गति देने पर बल दिया जाएगा।
3. मोबाइल का बढ़ता दुष्प्रभाव – डिजिटल युग में मोबाइल और सोशल मीडिया के अंधाधुंध प्रयोग से हो रहे नुकसान और उससे बचाव के उपायों पर चर्चा होगी।
आंचलिक प्रतिभाओं का सम्मान
सम्मेलन में सामाजिक सेवा और जनहित कार्यों में विशेष योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा।
स्वच्छता दीदी,मितानिन कार्यकर्ता,आंगनबाड़ी सहायिका,नर्स एवं सफाई कार्यगार
को उनके निरंतर और निस्वार्थ सेवाभाव के लिए सम्मान प्रदान किया जाएगा।
इसके साथ ही समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर सम्मानित किया जाएगा, जिससे युवा वर्ग में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होगा।
आयोजन समिति और उद्देश्य
यह सम्मेलन मछुआरा समाज (कहार, कहरा, ढीमर, केंवत, भोई, मल्लाह, नाविक, बिंद इत्यादि) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का संयोजन मोर ध्वज कला मंच और महामाया यूथ पार्लियामेंट करेंगे।
शिवमोहन बघेल ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करना है। समाज में एकजुटता, युवाओं की सकारात्मक भूमिका और नशा मुक्त जीवन की दिशा में यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा।
समाज में उत्साह का माहौल
कार्यक्रम को लेकर रतनपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। आयोजकों का कहना है कि यह सम्मेलन न केवल सामाजिक समरसता का संदेश देगा, बल्कि नई पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित भी करेगा।



