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छत्तीसगढ़

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का नैतिक समर्थन, ऑल इंडिया इंजीनियर फेडरेशन के आंदोलन को मिला मजबूती

विद्युत अधिनियम 2025 एवं इंडियन इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 के विरोध में ऑल इंडिया इंजीनियर फेडरेशन द्वारा किए जा रहे आंदोलन को आज दिनांक 12 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन द्वारा नैतिक समर्थन प्रदान किया गया।
इस दौरान निजीकरण के विरोध में आयोजित कार्यक्रम में यूनियन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन को समर्थन दिया। कार्यक्रम में सर्वश्री वासुदेव सूर्यवंशी (सचिव), श्रीमती ज्योत्सना स्वर्णकार (उपाध्यक्ष), श्री जैतराम निराला, श्रीमती सुशीला दूबे, श्रीमती कुंती दास, श्रीमती मधु बंजारे, श्रीमती सुशीला साव, श्री प्रवीण कुमार साहू, श्री लोकेश्वर साहू एवं श्री भीषम सूर्यवंशी (सह संगठन सचिव) सहित अन्य कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युत क्षेत्र के निजीकरण से कर्मचारियों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है तथा आम जनता को भी महंगी बिजली का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से कर्मचारियों एवं उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की है

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