
करगीरोड ( कोटा ) सोसायटी केंद्र पाली में महान स्वतंत्रता सेनानी एवं अमर शहीद वीर नारायण सिंह की भव्य मूर्ति स्थापना कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं ऐतिहासिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। यह प्रेरणादायी आयोजन समाज के अध्यक्ष, पदाधिकारियों, सदस्यों एवं कर्मठ कार्यकर्ताओं के संगठित और समर्पित प्रयासों का परिणाम रहा, जिसने पूरे क्षेत्र में सामाजिक एकता, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों—युवा, महिलाएं, बुजुर्ग एवं बच्चों—ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। आसपास के गांवों सहित दूर-दराज़ के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन स्थल देशभक्ति के नारों, शहीदों के जयघोष और सांस्कृतिक गरिमा से गूंजता रहा। मूर्ति स्थापना के पावन अवसर पर वक्ताओं ने वीर नारायण जी के बलिदान, त्याग और समाज-सुधारक विचारों को स्मरण करते हुए उनके संघर्षमय जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि अमर शहीद वीर नारायण का संघर्ष आज भी अन्याय, शोषण और असमानता के विरुद्ध जन-आंदोलन का प्रेरणास्रोत है। वक्ताओं ने विशेष रूप से युवाओं से उनके आदर्शों—शिक्षा, संगठन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व—को अपनाकर समाज को नई दिशा देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान अनुशासित व्यवस्थाएं, अतिथियों का सम्मान, सुरक्षा एवं स्वच्छता की उत्तम व्यवस्था तथा सामूहिक सहभागिता आयोजन की सफलता की सशक्त पहचान बनी।
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में गोंड महासभा तखतपुर एवं सोसाइटी केंद्र पाली का संयुक्त प्रयास उल्लेखनीय रहा। कार्यक्रम की सफलता में अध्यक्ष जगन्नाथ प्रसाद ध्रुव संरक्षक देवीलाल नागेशी उपाध्यक्ष राकेश नेताम, सहकोषाध्यक्ष हरिशंकर नेताम, आर. के. नेताम, भारत मरकाम, शीतल मरावी, दानीराम पांडा, समारू पोते झाड़ू राम ध्रुव विधि सलाहकार विजय पोते, पाली अध्यक्ष अरविंद मरकाम एवं उनकी पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। मंच संचालक भीखम नेताम भंवर सिंह साथ ही मीडिया प्रभारी सुचित कुमार सहित सभी स्वयंसेवकों, कार्यकर्ताओं और समाजजनों की सक्रिय भूमिका ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
अंत में समाज के पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों, स्वयंसेवकों और उपस्थित जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मूर्ति स्थापना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्थायी केंद्र बनेगी। यह आयोजन समाज को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक चेतना को और अधिक सुदृढ़ करेगा। सोसाइटी केंद्र पाली में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता, शौर्य और स्वाभिमान का स्मरणीय उदाहरण बनकर इतिहास में दर्ज हो गया।



