
रतनपुर (गांधीनगर, वार्ड क्रमांक 2):
रतनपुर की पावन भूमि पर आध्यात्मिक जागरण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला जब श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। इस दिव्य आयोजन में कथा वाचक के रूप में पं. अनुराग कृष्ण दूबे जी अपने मधुर वाणी से श्रीमद् भागवत कथा का अमृतपान कराएँगे।

कलश यात्रा से आरंभ:
कथा के पहले दिन, एक भव्य जल-कलश यात्रा निकाली गई। कथा पंडाल से शुरू होकर यह यात्रा भीम चौक, महामाया चौक होते हुए महामाया मंदिर के कुंड तक पहुँची, जहाँ से पवित्र जल भरकर कथा स्थल पर कलश स्थापित किया गया। पीले वस्त्रों में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा व आस्था के साथ इस यात्रा में सहभागी बनीं।
आरती, पूजन एवं जयघोष:
शुभारंभ अवसर पर विधिवत पूजन, आरती और जयघोष के साथ वातावरण को पवित्र और भक्तिमय बना दिया गया। श्रीराम और श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजता रतनपुर अध्यात्म के रंग में रंग गया।
कथा का महत्व और उद्देश्य:
पं. अनुराग कृष्ण दूबे जी ने श्रीमद् भागवत कथा के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कथा जीवन के उद्देश्य को स्पष्ट करती है, पापों से मुक्ति दिलाती है और मोक्ष की ओर ले जाती है। इसका श्रवण आत्मा की शुद्धि और आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम है।
आयोजन समिति की ओर से आमंत्रण:
गांधीनगर मोहल्ला वासियों एवं आयोजन समिति की ओर से समस्त श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस पावन कथा श्रवण का लाभ लें और जीवन को सार्थक बनाए



