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टिशू कल्चर से उन्नत खेती की ओर: किसान

 

बिलासपुर- आकाशवाणी द्वारा आयोजित किसान वाणी कार्यक्रम के तहत आज आकाशवाणी बिलासपुर में किसानों के लिए एक अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की विशेष उद्बोधन चारपारा, बलौदा की सहायक उद्यान प्रभारी प्रियंका सिंह सेंगर,रही जिन्होंने टिशू कल्चर केले की खेती विषय पर बेहद सूचनाप्रद और सरल भाषा में विस्तृत जानकारी दी।

प्रियंका सिंह सेंगर ने बताया कि टिशू कल्चर एक आधुनिक जैव-प्रौद्योगिकी तकनीक है, जिससे एक ही प्रकार के स्वस्थ और रोगमुक्त पौधों का उत्पादन बड़े पैमाने पर संभव होता है। केले की खेती में यह तकनीक खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, और किसान कम समय में अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि परंपरागत तरीकों से की गई खेती में पौधों में रोग लगने की संभावना अधिक होती है, वहीं टिशू कल्चर पौधे समान रूप से विकसित होते हैं और इनकी गुणवत्ता भी उच्च स्तर की होती है। इस विधि से पौधे जल्दी फलते हैं और इनका रख-रखाव भी अपेक्षाकृत आसान होता है।

कार्यक्रम के दौरान मिट्टी की तैयारी, पौधारोपण की विधि, सिंचाई प्रणाली, उर्वरक प्रबंधन एवं कटाई के बाद देखभाल जैसे अहम पहलुओं पर भी चर्चा की गई। प्रियंका सिंह ने किसानों को बताया कि राज्य सरकार और उद्यानिकी विभाग द्वारा इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों को अनुदान और तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जाता है।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने टेलीफोन कॉल और पत्रों के माध्यम से अपने सवाल पूछे, जिनके उत्तर अत्यंत सहजता और व्यावहारिकता के साथ दिए गए। कार्यक्रम के अंत में प्रियंका सिंह सेंगर ने किसानों को नवाचार अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने और उन्नत तकनीकों से खेती को लाभकारी बनाने का संदेश दिया।

यह कार्यक्रम किसानों के लिए न केवल जानकारी का स्रोत रहा, बल्कि यह उनके आत्म-निर्भर बनने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी साबित हुआ।

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