
लोरमी- महाराणा प्रताप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झाफल द्वारा आयोजित सप्तदिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का उद्घाटन कार्यक्रम शासकीय प्राथमिक शाला, गुनापुर में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद एवं साहित्यकार डॉ. सत्यनारायण तिवारी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता के.एस. राजपूत ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्राचार्य श्री सी.एस. राजपूत उपस्थित रहे।
उद्घाटन अवसर पर स्वामी विवेकानंद के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित स्वयंसेवकों और ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए डॉ. तिवारी ने राष्ट्रीय सेवा योजना को अनुशासन, अनुसंधान और संस्कार की जननी बताया। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ग्रामीण भारत की ओर सकारात्मक दृष्टिकोण से चिंतन आवश्यक है। एनएसएस आत्मकल्याण, जनकल्याण और विश्वकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
विशिष्ट अतिथि प्राचार्य श्री सी.एस. राजपूत ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों को सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रेरित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में के.एस. राजपूत ने सभी से अपने निर्धारित कर्तव्यों का ईमानदारी और निष्ठा से पालन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी कमल सिंह राजपूत, सह-प्रभारी नरेश सिंह राजपूत तथा राज्यपाल पुरस्कार हेतु चयनित शिक्षक रघुनाथ राठौर ने भी संबोधित किया।
अंत में डॉ. सत्यनारायण तिवारी को स्वामी विवेकानंद का चित्र, महाराणा प्रताप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झाफल का नवीन कैलेंडर तथा प्रतीकात्मक रूप से पपीते का फल भेंट कर सम्मानित किया गया।



