छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का खोखरा गांव अब बिजली और विकास के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने जा रहा है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत खोखरा को सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। यह उपलब्धि गांव की नवनिर्वाचित सरपंच श्रीमती दुर्गा अजय राठौर के कार्यकाल में मिली है। उन्होंने इस पहल के लिए पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल का आभार जताया।
सौर ऊर्जा से रोशन होगा गांव
इस योजना के तहत गांव में सौर रूफटॉप संयंत्र, सोलर स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा चालित सिंचाई पंप लगाए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिलेगी और बिजली कटौती की समस्या खत्म होगी। पंचायत भवन, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी सौर ऊर्जा से संचालित होंगे।
क्रेडा के तहत विकास को नई दिशा
इस योजना का संचालन छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के माध्यम से किया जा रहा है। क्रेडा के तहत खोखरा में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाएं, सामुदायिक स्थलों पर सौर रोशनी और कृषि पंपों का सौरकरण किया जा रहा है। इससे किसानों को सस्ती और निरंतर बिजली मिलेगी, जिससे खेती अधिक लाभदायक होगी।
पर्यावरण और आर्थिक लाभ
सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि ग्रामीणों को बिजली बिल में भी राहत मिलेगी।
सरपंच श्रीमती दुर्गा अजय राठौर के नेतृत्व में खोखरा का यह बदलाव गांव को आर्थिक और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।



