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दादा-परदादा की जमीन एक झटके में सरकार की… 26 किसानों की जिंदगी उजड़ गई, 15 अगस्त को तहसील के बाहर धरना की चेतावनी!

रतनपुर-  कोटा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर और घासीपुर में 43 किसानों के लिए एक ही खसरा नंबर 6 से जुड़े भूमि विवाद ने तूल पकड़ लिया है। राजस्व विभाग द्वारा सभी किसानों को नोटिस जारी करने की बात कही गई, परंतु सच्चाई यह है कि उनमें से अधिकतर किसानों को नोटिस मिला ही नहीं। जिन चंद रसूखदार किसानों को नोटिस मिला, उन्होंने तत्काल दस्तावेज जमा कर दिए, कुछ ने खेती के व्यस्त समय के कारण नहीं जमा कर पाए, और शेष को तो भनक तक नहीं लगी।

लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि राजस्व विभाग ने 26 किसानों की जमीन को बिना कोई पूर्व सूचना या नोटिस दिए सीधे सरकारी भूमि घोषित कर दिया, और जब ये किसान खाद-बीज की पर्ची कटवाने पहुँचे, तब उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि अब उनकी जमीन पर उनका हक नहीं रहा।किसानों का आरोप है कि ये जमीन वे पिछले 50-60 वर्षों से अपने दादा-परदादा के समय से बोते आ रहे हैं। उनके पास बी1, पी2, नक्शा, और पर्ची जैसे सभी वैध दस्तावेज हैं, बावजूद इसके उनके नाम बिना सुनवाई हटाकर जमीन सरकार के नाम कर दी गई।

दोहरे मापदंड का आरोप———-

इस पूरे मामले में दोहरा रवैया भी सामने आ रहा है। जिन 17 किसानों के नाम यथावत रखे गए, उनके पास भी वही दस्तावेज हैं जो 26 किसानों के पास हैं। इनमें से कुछ तो हाल ही में, मात्र 15-20 साल पहले ही, ज़मीन खरीदी है। किसानों का आरोप है कि इन रसूखदार 17 किसानों की फाइलें बिना जांच सही मान ली गईं, जबकि गरीब व साधारण किसान की जमीन पर सरकार ने अधिकार कर लिया और अब जांच टीम बनाकर उन्हें ही गुमराह किया जा रहा है।

शैलेन्द्र सिंह किसान लालपुर -“हम तो अपने पुरखों की जमीन पर अनाज उपजाकर पेट पालते आ रहे हैं। अब कह रहे हैं ये जमीन हमारी नहीं… बिना बताए सरकार ने हमें जमीन से बेदखल कर दिया। पर्ची कटवाने गए तो पता चला अब जमीन हमारी रही ही नहीं। ये कैसा न्याय है?”

-ज्ञानधार शास्त्री–“हमारे पास भी वही कागज हैं जो उन 17 लोगों के पास हैं। फिर हमारे ही नाम क्यों काटे गए? हम राजस्व विभाग के चक्कर लगाकर थक गए हैं। अब 15 अगस्त को तहसील के सामने धरना देंगे, जरूरत पड़ी तो चक्का जाम करेंगे।”

किसानों की चेतावनी: 15 अगस्त को धरना और फिर चक्काजाम

26 प्रभावित किसान अब पूरी तरह से न्याय की उम्मीद छोड़ चुके हैं। उनका कहना है कि वे 15 अगस्त को सुबह 6 बजे तहसील कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे और यदि कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो सड़क पर उतरकर चक्काजाम करेंगे।

किसानों की प्रमुख मांगें:——–

बिना नोटिस जिन किसानों की जमीन सरकारी की गई, उन्हें पुनः स्वामित्व दिलाया जाए।

राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई हो।

खाद-बीज के लिए तत्काल वैध पर्ची जारी हो।

सभी 43 किसानों के मामलों की निष्पक्ष जांच हो।

CG Bulletin

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