Breaking
उड़ीसा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही थी गांजे की बड़ी खेप, दो लग्जरी वाहनों सहित 1.86 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्तNEET पर आंदोलन कम, रीलों का ऑडिशन ज्यादा! सांसद आवास घेरने पहुंचे कार्यकर्ताओं में कैमरे के सामने आने की होड़ऑपरेशन अंकुश के तहत ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट पर रायगढ़ पुलिस की एक और बड़ी कार्रवाईलोरमी से डाक्टर सत्यनारायण तिवारी शब्द शिखर सम्मान से सम्मानितसनातन से नफरत कांग्रेस के DNA में है- देवजी भाई पटेलधनेली के युवा नेता गोलू सिंह राठौर का जन्मदिवस मनाने जुटे समर्थकविशेष शिक्षकों की भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, छत्तीसगढ़ शासन को दो माह में प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देशश्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन गूंजा भक्ति और दान का संदेश, प्रहलाद-ध्रुव चरित्र सुन भावुक हुए श्रद्धालुमध्य भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस का प्रहाररतनपुर में हजरत सैय्यद मूसा शहीद रहमतुल्लाह अलैह का 96वां सालाना उर्स पाक 29 मई से शाही संदल चादर, कव्वाली और कुल की फातेहा के साथ होगा तीन दिवसीय आयोजन

अपराधछत्तीसगढ़रायपुर

सी.एस.एम.सी.एल.ओवरटाइम भुगतान घोटाला: कमीशन मामले में अनवर ढे़बर गिरफ्तार

राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 44/2024, धारा 7बी, 8 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथासंशोधित 2018) एवं धारा 120बी भा.द.वि. के प्रकरण में ब्यूरो द्वारा आरोपी अनवर ढे़बर को दिनांक 23.02.2026 को गिरफ्तार किया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अधिकारियों द्वारा दिनांक 29.11.2023 को तीन व्यक्तियों से नकद 28.80 लाख रुपये जप्त कर आवश्यक कार्यवाही हेतु छत्तीसगढ़ शासन को सूचना प्रेषित की गई थी, जिसके आधार पर ब्यूरो द्वारा प्रथम सूचना पत्र दर्ज किया गया था।

विवेचना में पाया गया कि सी0एस0एम0सी0एल0 में षड्यंत्रपूर्वक मैनपावर/प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से ओवरटाइम/अधिसमय भत्ता के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान कराए गए। एजेंसी द्वारा प्रस्तुत बिल में अंकित अधिसमय भत्ते का भुगतान एजेंसी को किया जाता था तथा एजेंसी द्वारा यह राशि आगे संबंधित कर्मचारियों को दी जानी थी।

वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम/अधिसमय भत्ता के नाम पर लगभग ₹100 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। नियमानुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को देय अतिरिक्त भुगतान थी तथा यह राशि बिलों के माध्यम से मैनपावर/प्लेसमेंट एजेंसियों को इस उद्देश्य से भुगतान की जाती थी कि एजेंसियों द्वारा आगे संबंधित कर्मचारियों को वास्तविक भुगतान किया जाए।

किंतु व्यवहार में यह राशि कर्मचारियों को भुगतान न होकर एजेंसियों के माध्यम से अवैध रूप से कमीशन के रूप में निकाली व वितरित की जाती थी। यह पूरी प्रक्रिया वस्तुतः शासन के आबकारी राजस्व से ओवरटाइम/अधिसमय भत्ते के नाम पर राशि निकालकर उसे वास्तविक कर्मचारियों तक न पहुँचाते हुए अनधिकृत लाभ/कमीशन के रूप में बाँटने जैसी थी, जिससे शासन के राजस्व को प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति हुई।

विवेचना में यह भी स्थापित हुआ है कि इस प्रकार प्राप्त कमीशन अंततः आरोपी अनवर ढे़बर तक पहुँचाया जाता था। आरोपी को दिनांक 23.02.2026 को माननीय विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है

CG Bulletin

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *