लोरमी -मानस ग्राम सारधा में आयोजित विशाल हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि शिक्षाविद्, साहित्यकार, भागवताचार्य एवं राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सत्यनारायण तिवारी (हिमान्शु महाराज) ने कहा कि हिन्दू धर्म विश्व का सबसे प्राचीन, सार्वकालिक, सार्वभौमिक एवं समसामयिक सनातन धर्म है। उन्होंने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” जैसे महावाक्य हिन्दू दर्शन की आत्मा हैं, जो सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का संदेश देते हैं।
डॉ. तिवारी ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में हिन्दुओं को सजग रहने की आवश्यकता बताते हुए भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष बल दिया। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों के माध्यम से सामाजिक समरसता, मर्यादा और राष्ट्र एकता का संदेश दिया तथा भारत की एकता व अखंडता के लिए हिन्दू समाज की एकजुटता को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में कुटुम्ब प्रबोधन के जिला संयोजक श्री पोषण साहू ने प्रमुख वक्ता के रूप में हिन्दू समाज के लिए आत्मबल, सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक कर्तव्यों पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता झझपुरी की सरपंच श्रीमती भुनेश्वरी साहू ने की। इस अवसर पर भागवत प्रवक्ता मुकेश दास वैष्णव, मानस प्रवक्ता श्रीमती हेमलता वैष्णव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती समुन्द सिन्द्राम, सालिक केशरवानी, रामनिवास साहू, दयाराम साहू एवं सालिक राजपूत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र कुमार वैष्णव ने किया।
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों द्वारा भारतीय कला एवं सनातन संस्कृति पर आधारित आकर्षक नृत्य प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर सारधा, महरपुर, सरइपतेरा, राम्हेपुर, झिरवन एवं धौराभाठ से पधारे समाज प्रमुखों—द्वारिका राजपूत, मनहरण कश्यप, अभिजीत तिवारी, अशोक वैष्णव, दिलेश्वर ध्रुव, राकेश सिंह, सुशील गंधर्व, गणेश साहू एवं पारस साहू—का शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया गया।
सम्मेलन में उपस्थित लगभग एक हजार महिला-पुरुषों ने सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा पाठ एवं भारत माता की आरती की। तत्पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।



