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विकासखंड मुख्यालयों में पहुंचकर कलेक्टर कर रहे खेती बाड़ी और किसान कल्याण से जुड़े मामलों की समीक्षा

कोटा में ली कृषि, राजस्व एवं सहकारी समितियों की संयुक्त बैठक

बिलासपुर, – कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने आज जनपद पंचायत कोटा में राजस्व, कृषि एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। जिसमें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और फील्ड स्टाफ मौजूद रहे। बैठक में एग्रीस्टेक पंजीयन, धान पंजीयन की स्थिति, रबी सीजन की तैयारी तथा जल संरक्षण और भूमि विवादों के निराकरण की गहन समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बैठक में सबसे पहले एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों के खसरा/खाता पंजीयन की स्थिति की समीक्षा की। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन खातों की रजिस्ट्री अब तक नहीं हो पाई है, उन पर प्राथमिकता से कार्रवाई कर शीघ्र बंटवारा कराया जाए। उन्होंने कहा कि फौती और लंबित राजस्व प्रकरणों का भी शीघ्र निपटारा किया जाए, ताकि सभी पात्र किसान एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत हो सकें और आगामी धान खरीदी में भाग ले सकें।
कलेक्टर ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि किसानों को सिर्फ धान की फसल तक सीमित न रखा जाए। इसके लिए गांव-गांव में कृषक सभाएं आयोजित कर, किसानों को फसल विविधिकरण और बाजार की मांग के अनुसार खेती करने के लिए प्रेरित किया जाए। बैठक में जल संरक्षण को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि जल ही भविष्य की खेती की आधारशिला है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल सहेजने के लिए पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों जैसे नाला बंधान, खेत तालाब, बोरियों से बांध निर्माण, रिचार्ज पिट आदि उपायों को तेजी से अपनाया जाए। जलग्रहण क्षेत्रों का चिन्हांकन कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बंटवारा, फौती और पेंडिंग राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद और अभिलेख दुरुस्ती की समस्याएं बड़ी संख्या में सामने आती हैं। इनका त्वरित निराकरण किया जाए।
कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मैदानी भ्रमण कर योजनाओं की प्रगति का स्वयं मूल्यांकन करें। योजनाएं सिर्फ आंकड़ों तक सीमित न रहें बल्कि जनता को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए। इस दिशा में सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।

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