Breaking
Instagram Reel के चक्कर में फंसे तीन युवक… दुर्लभ बेंगाल मॉनिटर ‘गोह’ का शिकार कर बनाया VIDEO, वन विभाग ने किया गिरफ्तारबारिश में भी मुस्तैद रहेगी बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस, 130 से अधिक जवानों को मिले पारदर्शी रेनकोट; वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी जारीशिक्षा से बदल रही ‘नट’ समाज की तकदीर, डॉ. सत्यनारायण तिवारी के अभियान से भिक्षावृत्ति छोड़ मुख्यधारा की ओर बढ़े परिवारमहिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता हेतु गायनेकोलॉजी अवेयरनेस प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्नCG News: परिवार नियोजन की राशि पर ‘डाका’ या सिस्टम की बड़ी चूक? ₹8.80 लाख के कथित फर्जी भुगतान से मचा हड़कंप, अब कलेक्टर का बड़ा एक्शन… अपर कलेक्टर को सौंपी जांच, पूर्व सिविल सर्जन समेत कई नाम जांच के घेरे मेंधर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छत्तीसगढ़ BJP में अलग-अलग राय देखे डॉ. रमन सिंह ने क्या कहा…..CG News:- परिवार नियोजन की राशि पर ‘डाका’! ₹8.80 लाख के कथित फर्जी भुगतान से मचा हड़कंप, मामला खुलते ही लीपापोती के आरोप, खाता फ्रीज… पूर्व सिविल सर्जन समेत कई नाम जांच के घेरे में, राज्य स्तरीय 5 सदस्यीय जांच समिति गठितसिद्ध शक्ति पीठ श्री महामाया मंदिर संचालित विद्यालय में नए सत्र का शुभारंभ, तिलक लगाकर हुआ विद्यार्थियों का स्वागत, निःशुल्क ड्रेस व पुस्तकें वितरितरतनपुर में कांग्रेस का हल्लाबोल… परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में धरना, PM का पुतला दहन करने की कोशिशमां महामाया मंदिर रतनपुर में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का समापन, हवन-पूर्णाहूति के साथ संपन्न हुए गुप्त अनुष्ठान

अच्छी खबरछत्तीसगढ़जांजगीर

63 साल की उम्र, 63वीं शिर्डी यात्रा… साईं बाबा की भक्ति में डूबे राजू थवाईत की अनोखी आस्था

63 साल की उम्र, 63वीं शिर्डी यात्रा… साईं बाबा की भक्ति में डूबे राजू थवाईत की अनोखी आस्था
मन्नत पूरी हुई तो शुरू हुआ श्रद्धा का सफर, अब हर साल कई बार पहुंचते हैं बाबा के दरबार
जांजगीर – कहते हैं सच्ची श्रद्धा इंसान को भीतर से बदल देती है। ग्राम खोखरा निवासी एवं अमित मेडिकल स्टोर्स के संचालक राजू थवाईत की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिनके लिए शिर्डी अब सिर्फ एक तीर्थ नहीं, बल्कि जीवन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक सहारा बन चुका है।
63 वर्ष की उम्र में राजू थवाईत अब अपनी 63वीं शिर्डी यात्रा पर निकलने जा रहे हैं। उम्र और यात्रा की संख्या का यह अद्भुत संयोग उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है।
राजू थवाईत बताते हैं कि वर्ष 2007 में उन्होंने घर बैठे साईं बाबा से मन ही मन एक मन्नत मांगी थी। कुछ समय बाद जब उनकी इच्छा पूरी हुई, तो उनके मन में बाबा के प्रति अटूट आस्था जाग उठी। इसके बाद वर्ष 2008 में वे पहली बार शिर्डी पहुंचे। बाबा के दरबार में मिली आत्मिक शांति और सुकून ने उनके जीवन की सोच ही बदल दी।
पहली यात्रा के बाद शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी लगातार जारी है। अब वे हर साल चार से पांच बार शिर्डी जाकर साईं बाबा के दर्शन करते हैं। कई बार परिवार के साथ भी बाबा के चरणों में हाजिरी लगा चुके हैं।
राजू थवाईत कहते हैं कि शिर्डी पहुंचते ही मन की सारी बेचैनियां खत्म हो जाती हैं। बाबा के दरबार में बैठकर उन्हें एक अलग ही सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति का अनुभव होता है। यही अनुभव उन्हें बार-बार शिर्डी खींच ले जाता है।
इस बार की यात्रा उनके लिए बेहद खास है, क्योंकि 63 साल की उम्र में वे 63वीं बार शिर्डी जा रहे हैं। आगामी 19 मई 2026 को वे ट्रेन से शिर्डी के लिए रवाना होंगे। इस खास मौके को लेकर वे बेहद उत्साहित हैं और इसे अपने जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में से एक मान रहे हैं।
गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी राजू थवाईत की श्रद्धा और समर्पण की चर्चा हो रही है। लोग उन्हें साईं बाबा का सच्चा भक्त मानते हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि जब विश्वास दिल से जुड़ जाए, तो हर यात्रा केवल दूरी तय करने का नाम नहीं रहती, बल्कि आत्मा को सुकून देने वाला आध्यात्मिक अनुभव बन जाती है।

CG Bulletin

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *