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सीपी, ऑटिज्म व एडीएचडी से पीड़ित बच्चों की हुई जांच व उपचार

रतनपुर  मस्तिष्क संबंधी विकारों से ग्रसित बच्चों की चिकित्सा व मानसिक विकास के उद्देश्य से महामाया धर्मशाला रतनपुर में एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर निरोगधाम आयुर्वेदिक औषधालय एवं एडवांस थेरेपी सेंटर के तत्वावधान में हुआ, जिसमें देशभर से लगभग 200 बच्चों के साथ उनके परिजन शामिल हुए।

देश के ख्यातिप्राप्त न्यूरोथेरेपिस्ट मनोज कुमार (दिल्ली) के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने बच्चों की जांच कर उपचार एवं थेरेपी की विधियां बताईं। इस दौरान नवीन कुमार, डॉ. चेतन ठक्कर (गुजरात), धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी परामर्श दिया।

वरिष्ठ वेलनेस न्यूरोथेरेपिस्ट आलोक कुलमित्र ने बताया कि शिविर में अधिकतर बच्चे सीपी (सेरेब्रल पाल्सी), ऑटिज्म तथा एडीएचडी जैसे विकारों से पीड़ित थे। परिजनों को इन रोगों के लक्षण, कारण, आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से उपचार व थेरेपी के महत्व की जानकारी दी गई।

न्यूरोथेरेपिस्ट मनोज कुमार ने बताया कि सीपी को आयुर्वेद में मस्तिष्क पक्षाघात कहा जाता है। वहीं ऑटिज्म (नासमझ बच्चा) और एडीएचडी (आत्मकेंद्रित विकार) जैसी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों की समय पर और नियमित थेरेपी से स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

शिविर में कोलकाता, झारखंड, यूपी, उड़ीसा, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से परिजन अपने बच्चों को लेकर पहुंचे। आयोजकों के अनुसार, दूर-दराज से आए परिवार शिविर से संतुष्ट होकर लौटे और उन्होंने इसे बच्चों की जिंदगी में बदलाव लाने वाला कदम बताया।

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