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उद्यान प्रभारी प्रियंका सिंह सेंगर की सलाह से मिला किसान को हुआ फायदा, ग्राफ्टेट बैगन से मालामाल हो रहा किसान

जांजगीर-चांपा …उद्यानिकी विभाग की राज्य पोषित योजना की मदद एवं नई तकनीक से क्राफ्टेट बैगन की खेती ने सोनडीह के कृषक नंदकुमार मौआर के जीवन में एक नई बहार ला दी है। परंपरागत खेती को छोडकर पहली बार तीन एकड़ से अधिक रकबे पर बैगन की फसल लेकर नंदकुमार को बेहतर मुनाफा मिला नंदकुमार ने बताया की यह सब जिला उद्यान अधिकारी रंजना माखीजा के निर्देशानुसार अमोरा उद्यान प्रभारी प्रियंका सिंह सेंगर के तकनीकी सलाह से उसे मिल सका है 1.80 हजार रूपए के ग्राफ्टेट बैगन में उसे खर्च काटकर लगभग एक लाख नब्बे हजार का अतिरिक्त फायदा मिला है! परंपरागत खेती मे बमुश्किल से उसे ले देकर लाख रूपए तक ही बचत हो पाती थी लेकिन उद्यान प्रभारी प्रियंका सिंह सेंगर की सलाह से उसने धान फसल का मोह छोडकर बैगन की फसल लगाई जिसमे उसे बम्पर फायदा हुआ धान की खेती में उसे पहले बमुश्किल 15 20 हजार रुपए की आमदनी होती थी।

इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए अमोरा उद्यान प्रभारी प्रियंका सिंह सेंगर ने बताया की बड़ी संख्या में किसान नुकसान उठाने के बाद कृषि कार्यों को छोड़ रहे हैं. तो वहीं पूर्व में कृषि काम छोड़ चुके कई लोग योजनाबद्ध तरीके से खेती करने के लिए वापस कृषि की तरफ लौटे हैं. जिन्होंने खेती के बदले उद्यानिकी को मुनाफे का सौदा साबित कर मिशाल पेश की है. ऐसी ही सफलता की कहानी सोनडीह के युवक नंदकुमार की है. जो पहले परंपरागत खेती करता था लेकिन उद्यानिकी विभाग की प्रेरणा से अब बैगन फसल की पैदावर मे धान के फसल से भी अधिक आय प्राप्त कर खुशहाल जीवन जी रहा है।

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