
लोरमी। विश्व हिंदी परिषद के संगठनात्मक विस्तार के तहत छत्तीसगढ़ प्रांतीय इकाई में मुंगेली जिले को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। डॉ. सत्यनारायण तिवारी को मुंगेली जिला शैक्षणिक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष तथा डॉ. दिलीप सिंह राजपूत को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों से जिले में हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विश्व हिंदी परिषद का उद्देश्य हिंदी भाषा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के साथ सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय अस्मिता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। परिषद नई पीढ़ी में भारतीय मूल्यों के संचार, शोधपरक साहित्य को प्रोत्साहन तथा हिंदी के माध्यम से भाषाई और सामाजिक एकता स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
संगठन के राष्ट्रीय महासचिव श्री विपिन सर एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री देवी प्रसाद मिश्र के मार्गदर्शन में परिषद अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ा रही है। वहीं, छत्तीसगढ़ में प्रदेश संयोजक डॉ. विनय कुमार पाठक के बौद्धिक मार्गदर्शन तथा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संगीता बनाफर के नेतृत्व में संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार दिया जा रहा है।
दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में करेंगे सहभागिता
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने नियुक्ति के लिए परिषद के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आगामी 30 एवं 31 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले ‘भारत रत्न अटल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन’ में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहीं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संगीता बनाफर के साथ सहभागिता करेंगे। इस दौरान वे राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रस्तुत करने का प्रयास करेंगे।
डॉ. सत्यनारायण तिवारी एवं डॉ. दिलीप सिंह राजपूत ने परिषद के सिद्धांतों के अनुरूप हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
इन नियुक्तियों पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव, डॉ. विनय कुमार पाठक सहित परिषद के पदाधिकारियों एवं साहित्यकारों ने हर्ष व्यक्त करते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।



