
रतनपुर – नगर की गलियां सोमवार को गणपति बप्पा के जयघोष और धूमल की गूंज से भक्तिमय हो उठीं। गजावक्र गणेश उत्सव समिति वार्ड क्रमांक-03 द्वारा आयोजित गणेश विसर्जन यात्रा इस वर्ष खास आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन से सराबोर यह यात्रा नगरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई।
यात्रा की शुरुआत गणेश भगवान की आरती और पूजन से हुई। इसके बाद विशाल शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, शंख-घंटियों और धूमल की मधुर धुन ने वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। भक्तजन पूरे जोश और उमंग से “गणपति बप्पा मोरया” के उद्घोष करते हुए नाचते-गाते आगे बढ़े।
समिति ने इस बार विशेष रूप से पारंपरिक वाद्य यंत्रों के प्रयोग पर जोर दिया, ताकि आधुनिक संगीत के बीच हमारी सांस्कृतिक धरोहर भी जीवित रहे। युवाओं और बुजुर्गों दोनों ने इस पहल की सराहना की और धूमल की थाप पर थिरकते नज़र आए।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना का संदेश भी देते हैं।
गणेश विसर्जन के साथ 10 दिनों तक चले इस आयोजन का समापन भावभीनी विदाई के साथ हुआ। भक्तों ने बप्पा से पुनः अगले वर्ष आने की प्रार्थना की –
“गणपति बप्पा मोरया… अगले बरस तू जल्दी आ।”



