
संजय सोंनी की खबर
बिलासपुर- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमागोहन प्रभारी से क्षेत्र की जनता तो परेशान थे ही अब उनके मातहत कर्मचारी भी हलकान होने लगे है,जिसकी शिकायत उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से कर कड़ी कार्यवाही की मांग की है,
गौरतलब है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमागोहन के प्रभारी श्रीमती मिथलेश भारद्वाज के क्रियाकलाप से आमजनों के साथ ही उनके मातहत कर्मचारी भी परेशान है,ड्यूटी समय मे कभी भी अस्पताल न पहुंचना उनका रिकार्ड है,आमजनों से दुर्बयव्हार तो वो करते ही थे ,उन पर विभागीय कोई कार्यवाही नही होने के कारण उनके हौसले दिनों दिन बुलंद होते जा रहे है,अब इनके ऊपर कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का आरोप भी लग रहा है । प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने उनकी प्रताड़ना से तंग आकर अब इनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारी इनसे इतने प्रताड़ित हो चुके हैं की अब अपने उच्च अधिकारियों को उनकी लिखित शिकायत कर कार्यवाही की मांग किये है,जिसमे उन्होंने बताया है कि प्रभारी मैडम हॉस्पिटल समय पर कभी आती नही है । जिसके कारण कर्मचारी को मरीजो के आक्रोश का भी सामना करना पड़ता है। जिसका विरोध करने पर कर्मचारियों के साथ हाथापाई की भी नौबत आ चुकी है।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को अपने ऊंचे पहुंच का हवाला देते हुए धमकी भी देते रहती है। कई बार विवाद इतना बढ़ जाता है कि मैडम जातिवाद में फंसा देने की भी धमकी देने लगती है। जिससे कर्मचारी डर के माहौल में काम कर रहे हैं ।
*कर्मचारियों की करा रही झूठी शिकायत**
अस्पताल में अपने रुतबे को बरकरार रखने
क्षेत्र के एक सहयोगी स्वास्थ्य समूह को भी कर्मचारियों के प्रति उकसाने का काम संविदा ग्रामीण चिकित्सा सहायक मिथलेश भारद्वाज कर रही है। विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कर्मचारी के बढ़ते विरोध को देखते हुए कुछ दिन पहले एक स्थानीय महिला से कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर आवेदन अपने प्रारूप से कर्मचारियो की शिकायत भी करवाने की चर्चा है,
*नियम कानून की धज्जियां उड़ा रही प्रभारी*
प्रभारी संविदा ग्रामीण चिकित्सा सहायक श्रीमती मिथलेश भारतद्वाज अपना अवकाश आवेदन कार्यालय में छोड़कर जाती है।जिले या ब्लॉक मुख्यालय से किसी अधिकारी के नहीं आने पर उसे वह फाड़कर फेंक देती है फिर उस दिन का हाजरी उपस्थित पंजीयन में दूसरे दिन लगाकर नीम कानून को ठेंगा दिखा रही है,
बरहहाल संविदा प्रभारी के रवैये से त्रस्त स्वास्थ्य कर्मियों ने आक्रामक रवैये अपनाते हुए जिला कलेक्टर सहित स्वाथ्य विभाग के आला अधिकारियों से शिकायत किया है,अब देखना यह है कि विभागीय अधिकारी कार्यवाही करते है कि उक्त प्रभारी को संरक्षण देते है,



